Wednesday, January 20, 2021
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इस साल बहुत कुछ खोया, तो थोड़ा पाया भी है; 2020 ने हमें काम की 5 बातें सिखाईं

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एक डरावना और खतरनाक साल गुजर गया, कोई इसे शायद ही अच्छा कहे। लेकिन, क्या आपको पता है कि समय इंसान ने बनाया है। घड़ी, कैलेंडर, तारीख और साल यह सबकुछ इंसान के आविष्कार हैं। इसलिए साल बीतना और नया साल शुरू होना बस एक कैलकुलेशन है। साल बदलने पर क्या कुदरती तौर पर भी कुछ बदलता है? मौसम को छोड़कर बाकी कुछ नहीं।

चीजें 2021 में भी वैसे ही जारी रहेंगी, जिस तरह 2020 में भी हो रही थी। हालांकि, चीजों में सुधार की जरूरत है। 2020 में भी चीजें हम ही कर रहे थे, इसलिए 2021 में भी हमें ही चीजों को सुधारना होगा।

2020 ने हमें 5 जरूरी बातें सिखाई हैं-
खैर, 2020 इतना बुरा भी नहीं रहा, हमने इस साल से जो सबसे बड़ी चीज सीखी है, वह है स्मार्ट लिविंग। लॉकडाउन में जब लोगों के पास पैसे कम पड़ने लगे, तो लोगों ने कम पैसे में मैनेज करना शुरू कर दिया। सीखा न आपने, साल 2020 से “मनी मैनेजमेंट।” हमने इसी तरह की छोटी-छोटी, लेकिन कई जरूरी चीजें सीखीं हैं, जिसके बारे में हम आपको बता रहे हैं।

1- हमने सीखा “कंप्लेन करना, अच्छी बात है”
कोरोना से पहले जब भी आपके गले में खराश होती थी, तो क्या आप तुरंत इस बात की शिकायत अपने दोस्तों और परिवार से करते थे? नहीं न, लेकिन साल 2020 में जब कभी भी आपको इस तरह की दिक्कत हुई होगी, आपने क्या किया होगा? झट से परिवार और दोस्तों को जानकारी दी होगी। अगर यह थोड़ा लंबा चला होगा, तो डरे-सहमे से डॉक्टर के पास भी भागे होंगे।

इसी तरह से घर के सामने पड़े हुए कूड़े को हम इग्नोर करते थे, पब्लिक प्लेस में गंदगी को इग्नोर करते थे और नगर-निगम से कूड़े वाले भइया एकाध दिन न भी आएं, तो भी हम काम चला लेते थे। लेकिन, शिकायत नहीं करते थे। साल 2020 में क्या आपने इसे नजरअंदाज किया? हममें से शायद ही किसी ने ऐसा किया हो। तो आप बताइए, सीखी न हमने साल 2020 से एक बेहद जरूरी चीज।

2- हमने सीखा “पैसे को सेव करना ही मनी मैनेजमेंट नहीं है”
मनी मैनेजमेंट को लेकर हममें से बहुतों की परिभाषा है कि “सेव द मनी”। यह सोच अच्छी है, लेकिन कोरोना से पहले हमारी अप्रोच गलत हुआ करती थी। हम पैसे को बचाते थे और फिर हम उसे खर्च कर देते थे। हम सोचते थे कि पैसे तो अभी हैं, लेकिन बाद में पता चलता था कि पैसे खत्म होने वाले हैं।

कोरोना में जब हमारी जेबें तंग हुईं तो हम कम पैसे में मैनेज करने लगे। हम यह सोचने लगे कि हम पैसा कहां और क्यों खर्च कर रहे हैं? उसे खर्च कर हम जो कुछ भी खरीद रहें हैं, उसकी कितनी जरूरत है? यानी हमने सीखा कि सही तरीके से पैसे का इस्तेमाल कैसे करें और कम पैसे में भी कैसे लाइफ को एंजॉय करें। ये सब हम पहले भी जानते थे, लेकिन 2020 में हमने इसे जिया है।

3- हमने सीखा “टाइम और इमोशन मैनेजमेंट”
कोरोना आया और लॉकडाउन के चलते वर्क फ्रॉम होम का ट्रेंड बना। हममें से लगभग सभी ऑफिस गोइंग लोग घर पर ही थे। अब आप घर पर रहेंगे, तो ऑफिस की तरह ही रहना होगा। तभी आप ऑफिस का काम सही तरह से और डेडलाइन में डिलीवर कर पाएंगे।

आमतौर पर समय न मिलने का एक्सक्यूज देने वाले हममें से तमाम लोग वर्क फ्रॉम होम में खुद की फिटनेस और एक्सरसाइज, परिवार और काम के लिए समय निकालना सीख गए। लेकिन समय तो उतना ही होता है, एक दिन में 24 घंटे यानी हम इसी समय को बेहतर मैनेज करना सीख गए।

दिन भर घर पर रहने के चलते, बहुत से लोगों में एंग्जाइटी, स्ट्रेस और अकेलापन देखने को मिला। हर तरफ नेगेटिविटी फैली थी। शायद ही किसी ने 2020 से पहले कभी इतने लंबे समय तक मेंटल प्रेशर फेस किया हो। लेकिन अब तक हर छोटी-छोटी बात पर परेशान हो जाने वाले, गुस्सा करने वाले और धैर्य खोने वाले हम लोग ये सीख गए कि इमोशन को कैसे मैनेज करें।

4- हमने सीखा “एक अच्छा इंसान बनना कितना आसान है”
आमतौर हमें अच्छा इंसान बनने के लिए प्रेरित किया जाता है। ये सिलसिला पेरेंट्स से शुरू होकर किताबों तक पहुंचता है और कभी खत्म नहीं होता। एक अच्छा इंसान बनने की ढेरों बातें हमें सुनने को मिलती हैं। हमारे पास अच्छे लोगों की एक बहुत बड़ी लिस्ट या बहुत सारे उदाहरण होते हैं। बावजूद इसके हमें लगता है कि उन जैसा बनना बहुत मुश्किल है। 2020 में जब गरीबों की थाली में खाना नहीं था, तो कौन आगे आया? आए न आप, हममें से बहुतों ने दिन-रात सेवा करके किसी को भूखा नहीं रहने दिया।

कोरोना वारियर्स ने हमारी जान बचाने के लिए खुद के जान की परवाह नहीं की। पूरी दुनिया एक-दूसरे की मदद अपने-अपने तरीके से कर रही थी। कितना आसान था ऐसा करना, है न? हम किसी और की तरह तो शायद नहीं बन पाए, लेकिन अपनी तरह का एक अच्छा इंसान बन गए। 2020 से हमने यह सबसे बड़ी बात सीखी है।

5- हमने सीखा “सेल्फ अवेयरनेस यानी खुद को समझना
जब भी हम तनाव में होते हैं, तो हम कंस्ट्रक्टिव नहीं सोचते। जैसे- तनाव का कारण क्या है? इससे कैसे उबरें? खुद में क्या सुधार करें और क्या करें, क्या न करें? इसके उलट हम नेगेटिव होते जाते हैं, जो हमें ज्यादा परेशान करता है।

लेकिन, कोरोना के दौर में हमें खुद को समझने का मौका मिला, जैसे- जॉब गई तो कैसे मिलेगी, पैसे कम हैं तो काम कैसे चलेगा, हम और क्या कर सकते हैं, खुद की स्ट्रेंथ क्या है? हम औरों की तुलना में कहां खड़े हैं और भी ऐसी तमाम चीजों को हमने इवेल्युएट किया। यानी हमने खुद को जाना और खुद को जानना सीखा।

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We learned that it is easy to be a good person, this year going through 5 important lessons, know about it

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