Tuesday, January 19, 2021
0 0
Home Tech कभी इंटरनेट कंपनियों ने ‘वर्चुअल की’ से सुरक्षा के पैमाने बदले थे,...

कभी इंटरनेट कंपनियों ने ‘वर्चुअल की’ से सुरक्षा के पैमाने बदले थे, अब फेसबुक अकाउंट सेफ्टी के लिए ला रहा चाबी

Read Time:3 Minute, 46 Second


सालों तक हमारे घर-संस्थान की सुरक्षा ताला-चाबी के हवाले रही। टेक्नोलॉजी का जमाना आया, तो इंटरनेट कंपनियों ने पासवर्ड रूपी ‘वर्चुअल की’ इजाद कर सुरक्षा के पैमाने ही बदल दिए। घर-दुकान, तिजोरी की सुरक्षा पासवर्ड के भरोसे हो गई। बैंक अकाउंट, लॉकर, घर का सिक्योरिटी सिस्टम इन ‘वर्चुअल की’ के मोहताज हो गए। अब यही टेक्नोलॉजी कंपनियां यदि पुराने जमाने की चाबी पर भरोसा करने लगें तो आप क्या कहेंगे…?

खरीदना होगी ये चाबी
हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी सोशल नेटवर्क कंपनी फेसबुक ने घोषणा की है कि डेटा सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए वह अगले साल से दुनियाभर के यूजर को ‘फिजिकल सेफ्टी की’ (सुरक्षा कुंजी) उपलब्ध कराएगी। फेसबुक की सुरक्षा नीति के प्रमुख नथानिएल ग्लीइकर के मुताबिक, यूजर विभिन्न रिटेलर्स से ये टोकन या फिजिकल कुंजी खरीद सकेंगे। इन्हें ऑनलाइन भी खरीद सकेंगे। फेसबुक के साथ इसे रजिस्टर करते ही इसे इस्तेमाल कर सकेंगे।

हैकर्स से बचाएगी
फेसबुक ने कहा है कि हैकर्स अहम लोगों के सोशल मीडिया हैंडल से जुड़ी जानकारियों को निशाना बनाते हैं। आप सीईओ या बड़े नेता नहीं हैं, तो इसका मतलब यह नहीं कि आप अपने क्षेत्र के महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं हैं या आपको टारगेट नहीं किया जा सकता है। हैकर्स के खतरों से बचने के लिए फेसबुक अब तक प्रोटेक्शन के तहत टू-स्टेप वेरिफिकेशन और रियल-टाइम मॉनिटरिंग का इस्तेमाल करता रहा है, लेकिन ‘फिजिकल सेफ्टी की’ की लॉन्चिंग से यह माना जा रहा है कि टेक्नोलॉजी कंपनियों को भी आखिर बरसों से चले आ रहे सुरक्षा मानकों पर ही लौटना पड़ रहा है।

फेसबुक का मानना है कि यूजर ‘सिक्योरिटी की’ का इस्तेमाल करेगा, तो हैकर उसके अकाउंट में घुसपैठ नहीं कर पाएगा, भले ही वह पासवर्ड क्रैक कर ले। अब तक फेसबुक ऐसी ‘वर्चुअल की’ अमेरिकी नेताओं, सरकारी एजेंसियों और मतदान कर्मियों जैसे हाई-प्रोफाइल अकाउंट के लिए उपलब्ध करवाता रहा है। अब अगले साल से दुनियाभर के आम यूजर भी मोबाइल एप और डेस्कटॉप पर लॉगइन से पहले पहचान सत्यापन के लिए ‘फिजिकल सेफ्टी की’ इस्तेमाल कर सकेंगे।

कैसी होगी फिजिकल सेफ्टी की
फिजिकल सेफ्टी की’ पेन ड्राइव की तरह होती है। इसे यूएसबी पोर्ट में लगाना होता है। गूगल ने सबसे पहले ‘यूएसबी सिक्यूरिटी की’ वर्ष 2014 में लॉन्च की थी। फेसबुक की ‘फिजिकल सेफ्टी की’ की कीमत क्या होगी, अभी इसका खुलासा नहीं किया गया है।

Download Dainik Bhaskar App to read Latest Hindi News Today


फिजिकल सेफ्टी की’ पेन ड्राइव की तरह होती है। इसे यूएसबी पोर्ट में लगाना होता है। (प्रतीकात्मक)

About Post Author




Happy

Happy

0 %


Sad

Sad

0 %


Excited

Excited

0 %


Sleppy

Sleppy

0 %


Angry

Angry

0 %


Surprise

Surprise

0 %

Leave a Reply

Most Popular

कोरोना से भारत में डेढ़ लाख मौतें: दुनिया का तीसरा देश, जहां सबसे ज्यादा मौतें; पर बेहतर इलाज से 4 महीने में 30 हजार...

बुरी खबर है। देश में कोरोना से जान गंवाने वालों की संख्या 1 लाख 50 हजार से ज्यादा हो गई है। भारत दुनिया...

कोरोना देश में: UK से आने वालों के लिए RT-PCR टेस्ट अनिवार्य; हर हफ्ते अब 60 की बजाय केवल 30 फ्लाइट्स होंगी

सिविल एविएशन मिनिस्टर हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कहा कि UK से आने वाले सभी लोगों के लिए कोरोना का RT-PCR टेस्ट...

‘अवैध संबंध’ को लेकर महिला ने ‘मानसिक रूप से प्रताड़ित’ किया, सिपाही ने की खुदकुशी

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में मंगलवार को एक पुलिस कॉन्स्टेबल द्वारा खुदकुशी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। Source link

Recent Comments